स्वरों को याद कीजिये कुछ ऐसे

 अ आ इ ई ऋ  उ ऊ ओ औ 


अनार के पेड़ लगे हैं, जो मेरे आँगन में खड़े हैं l

से आये रसीले आम, मुझको बहुत भाते हैं आम l

से इमली आती है याद, जब लेते हैं खट्टी चीजों का नाम l

ईख के खेत खड़े हैं, जो मेरे पापा से लंबे हैंl

से उल्लू कहलाता हूँ, जब रिजल्ट दिखलाता हूँ l

से ऊन से स्वेटर बुनकर, माँ सर्दी में रखती है मुझको ढककर l

ऋषियों की वाणी है, काया मिट्टी में मिल जानी हैl

से एड़ी चोटी का जोर लगाया, तब जाकर दौड़ जीत पायाl

ऐनक जब न पहने है, दीदी का पैर तब फिसले हैl

ओखली को जो भूले थे, याद उसे फिर करते हैंl

औषधि जो होती है, हर दर्द को दूर वो करती हैl

@ मेखला

Comments

Popular posts from this blog

राह पर चलना जरूरी