कला के साथ शिक्षा
बच्चे हैं कच्ची मिट्टी का ढेर,
इनके मन में न कोई हेरफेर।
जब मिले कला को शिक्षा का संग,
बच्चों को मिले नया रूप और रंग।
हर बच्चे में छुपा एक कलाकार,
इसको देना है कोई रूप और आकार।
बस जरूरत है उसे पहचानने की,
उसके हुनर को उभारने की,
समय-समय पर एक अच्छे सलाहकार की
विषय चाहे कोई हो,
कला के साथ वो पल्लवित हो।
ऐसी उम्मीद,
ऐसा विश्वास,
बच्चों का हो सम्पूर्ण विकास।
Comments
Post a Comment