वर्णमाला व्यंजन
वर्णमाला व्यंजन क कमल के फूल खिले हैं, ख से खग बैठे हैं कुंज में ग गमला ले आओ भैया, घ का घड़ा पड़ा उपवन में आगे बोलो ङ खाली, सभी बजाओ ताली च से चमके चंदा मामा, छ का छप्पर छाए ज से बने जलेबी देवी, झ झबला पहने है छुटकी आगे बोलो ञ खाली, सभी बजाओ ताली ट टमटम ले चला बटोही, ठ से ठक-ठक करता द्वार ड से डम-डम बोले डमरू, ढ ढपली से निकले है ताल आगे बोलो ण खाली सभी बजाओ ताली त का तबला लिए तबलची, थ से थप थपाता द दरवाजा खोल ले मन का, ध से धन्य हो जाता आगे बोलो न नकली , सभी बजाओ ताली प पतंग के पेंच लड़े हैं, फ से फल लगे हैं उपवन में । ब बगिया में फूल खिले, भ से भवंरे डोले आगे बोलो म मलाई, सभी बजाओ ताली य से यश पाओगे जगत में, र से रण जो जीतोगे जीवन में ल से लक्ष्य नहीं छूटेगा, व वरदान मिला जो शरीर का श शहद सा मीठा बोले, ष षड्यन्त्र से दूर रहें स सफलता कदम है चूमे, ह से हल मुश्किल जब होय क्ष से क्षत्रिय उठता है , त्र से त्रस्त जब कोई करता है ज्ञ ...